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बास्केटबॉल के खेल में एक उभरती प्रतिभा "प्रणय राव"


-अशोक यादव
पिछले कुछ वर्षों में यादव समाज ने देश के सम्मान में कई प्रतिभाएं दी हैं। जिनमे रेसलर नरसिंह यादव सबसे बड़ा उदहारण है। राष्ट्र सम्मान में ऐसी ही एक और प्रतिभा हरियाणा के गुड़गांव से उभरकर रही है। गुडग़ांव के प्रणय राव को आस्ट्रिया में आयोजित बास्केटबॉल की यूनाइटेड वर्ल्ड गेम्स-2016 का बेस्ट प्लेयर चुना गया है। प्रणय अंडर -14 के कई मैचों में भारत को जीत दिलाई है। इन्होंने अपनी अद्भुत प्रतिभा के चलते कई विदेशी खिलाडियों को भी मात दी है।
 प्रणय श्रीराम स्कूल में कक्षा आठवीं का छात्र है। अपने 13 साल की उम्र में 5 फुट 10 इंच की लंबाई भी अपने आप में गर्व का विषय है। अपने लंबे कद और मजबूत इरादों के सामने किसी को खेल में टीकने नहीं देते। यूनाइटेड वर्ल्ड गेम्स में शामिल होने के लिए पूरी दुनिया से कुल 48 टीमों ने भाग लिया था। जिनमे अंडर-14 के पांच मुकाबले हुए, जिनमे तुर्की और यूक्रेन की टीम के मुकाबले खेलते हुए प्रणय ने क्रमशः 15 10 अंक हासिल करते हुए अच्छी जीत हासिल की। प्रणय को बास्केटबॉल की प्रेरणा उनकी माताजी श्रीमती मोनिका यादव से मिली है। श्रीमती मोनिका यादव स्वयं श्रीराम स्कूल में बास्केटबॉल की प्लेयर रही हैं। मोनिका जी प्रणय के जीवन में सिर्फ माँ ही नहीं बल्कि एक गुरु की भी भूमिका में है। इन्हें प्रणय का बेहतर कोच भी कहा जा सकता है। प्रणय की बहन वंशिका राव एक बेहतरीन गोल्फ प्लेयर हैं। 

 प्रणय का सपना है की भविष्य में इन बी. . की टीम में खेलें। प्रणय की प्रतिभा को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि, वह भविष्य में अपनी सफलता और ख्याति का परचम लहराएगा। या यूँ कहें भारत के सम्मान पटल पर एक और नाम दर्ज हो गया है। प्रणय के पिता धर्मेन्द्र राव दिल्ली में एक सफल व्यवसायी होने साथ-साथ प्रखर समाजसेवी भी हैं। परिवार के अच्छे संस्कारों का सम्पूर्ण प्रभाव प्रणय पर देखा जा सकता है। प्रणय के उज्जवल भविष्य के लिए ढेर सारी अग्रिम शुभकामनाएं।

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